BSEB Class 6th Hindi Solutions Chapter 19 बसन्ती हवा
Class 6th Hindi Text Book Solutions 19. बसन्ती हवा (केदारनाथ अग्रपरल) भावार्थ- बसन्त ऋतु की हवा बड़ी निराली और मस्तानी होती है। वह निश्चिन्त होकर बड़ी मस्ती बहती है। वह किसी उद्देश्य, इच्छा या आशा से नहीं बहती। उसे किसी से न दोस्ती है और न ही किसी से दुश्मनी। वसन्ती हवा जब चलती है … Read more